Monday, March 14, 2011


YOUR PAIN MAY GIVE LAUGH TO SOMEBODY....
BUT BE SURE UR LAUGH MAY NOT GIVE PAIN TO ANYBODY - CHARLIE CHAPLIN
खिली खिली धुप मै मन पर छा गया अन्धियारा !
बावरी हो चली चांदनी, जब मन ने किया मुशायरा!
कोन कब मन को छु जाये येह पता रहा कब,
युही बेठे रहे मुस्कुराते रहे, मन हो चला बावरा! जयेन्द्र रुपडा(३१/०१/२०११)

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