Sunday, March 13, 2011


"औंश की बूंद सी होती है बिटिया ,
पापा की दुलारी और जान से भी प्यारी होती है बिटिया !
माँ के स्पर्श सी कोमल होती है बिटिया !
रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को ,
दो दो कुल की लाज होती है बिटिया !
हिरा अगर है बेटा तो सच्चा मोती है बिटिया ,
काटो पे चलकर राह मैं फुल बिछाती है बिटिया !
कहने को तो परायी अमानत होती है ,
पर बेटो से बढ़कर होती है बिटिया !
सल्लम तुझे घर की लाडली ......."
CA JAYENDRA RUPDA
December 17, 2010 ·

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